ठेकेदारी के माध्यम से श्रमिको को गुलाम बनाने की साजिश

 आज कल के दौर मै श्रमिको को गिरवी रखने का काम शुरु कर दिया गया वेतन ठेकेदार के माध्यम से मिलेगा लेकिन आदेश इन कम्पनी के चापलूसों का मानना पड़ेगा सरकार की और इंडस्ट्री मालिको के नियुक्त किए गए चमचों से लिऐ गए निर्णय सर्वमान्य होंगे ये श्रमिको का शोषण नही तो क्या? फिर श्रमिक कम्पनी के चमचों का सम्मान क्यों करेगा। जब श्रमिको को गुलाम बनाकर कार्य करने की प्रथा रहेगी तो कम्पनी द्वारा नियुक्त चमचों की चापलूसी क्यो करेगा श्रमिक क्यो आदेश देगा कम्पनी का आधिकारी क्यो सम्मान देगा श्रमिक कम्पनी कर्मचारियों को सम्मान देगा ना कि इन मालिको द्वारा चमचो को सरे आम श्रमिको का शोषण कंपनी के चमचों द्वारा किया जाना सरकार की सोची समझी रणनीत है श्रमिको के ऊपर दोहरी मार श्रमिको की मेहनत से ठेकेदार को कमीशन प्रथम शोषण दूसरा शोषण रुतबे झाड़ेगा कम्पनी का चमचा उसके बाद सरकार गरीबो की नीव मजबूत कर रही या मूर्ख बनाकर गिरबी रख रही मलाई खाते ठेकेदार और इंडस्ट्री मालिक  यही गरीबों का भला है क्या कई प्रश्न चिन्ह सरकार पर लग रहे है श्रमिको की ना समझी और अनजाने का फायदा उठाते कम्पनी मालिक और उनके चमचे और ठेकेदार लेकिन चमचे अपने आप को कम्पनी कर्मचारी समझते है बो केबल इस लिऐ कि कंपनी उनको कुछ छुट्टियां दे देती है । क्या इन श्रमिको और मेहनत कश लोगो की कमाई से कमीशन और श्रमिको पर काम का दवाब बनाकर ये अपने जीवन को सफल बनाएंगे या अगले आने बाली पीढ़ी मै ये चमचा गीरी कर अपने बालको को चमचा गीरी करने के लिऐ तयार कर सकते लेकिन बिजनेश और व्यापारी नही बना सकते जिसकी जैसी सोच उसकी वैसी नियत क्या ईस्बर पर आस्था रखने बाले क्या अपने या अपनी सन्तान को सफल बना सकते है। कभी नही


 इंडस्ट्री मालिक और उनके चमचे श्रमिको का पीते खून फिर भी सरकार कर रही गारीबो का भला ये कैसा मजाक। 

                                    दुष्यन्त सक्सैन  नॉएडा       

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