भाजपाई और ट्रैफिक पुलिस के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

 

भाजपाई और ट्रैफिक पुलिस के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो पर अलीगढ़ पुलिस ने एक्स पर ट्विट कर कहा कि गतरात्रि गाड़ी टच होने का आरोप लगाकर मौके पर जमावड़ा हुआ था, सूचना पर तत्काल अधिकारियों द्वारा वार्ता कर कुछ ही मिनट में सबको अपने घर भेज दिया गया, मौके पर पूर्ण शांति है, उपरोक्त दोनों हमलावर व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही प्रचलित की गई, यातायात सुचारु है ।


यातायात निरीक्षक द्वारा मोडिफाईड साइलेंसर की बाइक के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई किए जाने के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार किया गया।


मामले में वीडियो फुटेज के आधार पर दो व्यक्तियों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात पर सुसंगत धाराओं में अभियोग  पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही प्रचलित की गई है।

पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने के आरोप पर मेडिकल कराया गया, कोई भी पुलिसकर्मी नशे में नहीं पाया गया। नशे में रहने का आरोप निराधार साबित हुआ है

अलीगढ़ के बन्ना देवी थाना अंतर्गत मालवीय पुस्तकालय के निकट 25 अक्तूबर की रात में भाजपा कार्यकर्ता और ट्रैफिक पुलिस आमने सामने आ गए। ट्रैफिक इंस्पेक्टर कमलेश यादव ने बताया कि उन्हें एक संदिग्ध गाड़ी, जिसके साइलेंसर को मोडीफाई किया गया है,

की जांच के लिए कहा गया। गाड़ी को रोका गया, तो तथाकथित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला बोल दिया। उन्हें एसएचओ, सीओ की मौजूदगी में पीटा गया और कपड़े तक फाड़ दिए।


ट्रैफिक इंस्पेक्टर कमलेश यादव पर गाड़ी से टक्कर मारकर भाजपा कार्यकर्ता की गाड़ी को चेकिंग के लिए रोकने का आरोप लगाया है। विवाद के बाद भाजपाईयों के द्वारा एनएच 91 पर जाम लगाकर हंगामा किया गया।

मारपीट की घटना को एक दिन पहले हुए किसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।आपको बता दें कि दशहरे बाले दिन जो व्यक्ति टी एस आई फर्स्ट के विरोध में धरने पर बैठा है इसी व्यक्ति  ने 30 40 आदमी फोन कर बुलाए थे

और ग्लोबल स्कूल के पास भारी भरकम हंगामा करवाया था जिसमें उपस्थित बलवीर सिंह टी एस आई के साथ गाली गलौज और अभद्रता की थी

और उनसे बोल भी गया कि तुम वर्दी में हो तो गुंडई कर रहे हो आखिर ऐसी भाषा का प्रयोग करते तथा कथित पार्टी कार्यकर्ताओं को शोभा देता है

क्या यह तो अपने अधिकारी के नियम का पालन कर रहे थे लेकिन इन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने का काम किया है।

नेता गिरी के आगे नहीं चल रही प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यवाही आपको बता दें

कि इस मौके पर एकत्रित हुए पत्रकारो के तथा जनता के मोबाइल भी छीन लिए गए ताकि ये कार्यकर्ता सबूत मिटा सके।


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