अलीगढ़ ट्रेफिक पुलिस का हाल बेहाल अधिकारियों ने ट्रेफिक पुलिस को आठ घण्टे की डीयूटी पीरियड मे चालानों का चौंकाने वाला टारगेट दिया है किसी को 100चालान किसी को 200चालान अब ट्रेफिक पुलिस को केवल सरकार कमाई का हथियार बनाने का कार्य ट्रेफिक अधिकारी करते है अधिकतर अधिकारियों के सम्पर्क मे रहने वाले लोगो की गाड़ियों के ही पेपर अधूरे होते है फिर इनके द्वारा फोन कराकर इनको छुड़ाया जाता है एक तरह से साफ तरीके से माने तो ट्रेफिक अधिकारी ही अब ट्रेफिक पुलिस के कार्य मे बाधा डालने का कार्य कर रही है दूसरे अलीगढ़ जनपद मे ट्रेफिक पुलिस के अधिकारी बेखौफ नो एंट्री पास दे रहे जब कि ट्रेफिक पुलिस शहर के अन्दर कच्चे सामान जो खराब हो जाते है उनके एंट्री पास होते है लेकिन एंट्री पास को लेकर कपड़े लोहे और किराने के वाहन की गाड़ियों के एंट्री पास दे दिये जाते शहर के अन्दर नो एंट्री पास के नाम पर खूब जम कर चल रहा खेल एस पी ट्रेफिक भी खूब अपनी बल्ले बल्ले करने मे लगे हुये है जहा बस स्टेण्ड ना हो एस पी ट्रेफिक से मिलिये और शहर के हर चौराहे पर बनाईये प्राईवेट बस स्टेण्ड बनाईये एस पी ट्रेफिक साहब से मिलिये डी आई जी अलीगढ़ ऑफिस के सामने आनन फानन मे प्राईवेट बसे खड़ी होती है आखिर बड़े अधिकारियों के खुद मिले होने की पुष्टि की जा सकती है या शासन सत्ता मिलकर कर रही अवैध उगाही थाने ने बांधे पटरी पर रहने वाले दुकानदार अब बचा कौन 100मे 90बेईमान फिर भी मेरा देश महान कहना कोई गलत नही
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