*ब्यूरो रिपोर्ट मनोज शर्मा*
थाना दादरी अन्तर्गत क्षेत्रों मै अपराध का ग्राफ कई गुना बढ गया है जिसका कारण थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों की खामियों के कारण हो रहे है।
कोट चौकी अन्तर्गत पडने वाले क्षेत्र मै छ माह के अन्दर तीन, तीन युवाओं की निर्मम हत्या हुई ये सब चौकी प्रभारी के कारण हुई चौकी प्रभारी को क्षेत्र के हर व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी होती है लेकिन अपराधिक किस्म के लोगों से सांठगांठ कर उनकी अनदेखी की जाती है और जो निर्दोष होते है उन्हें जेल भेजने का काम किया जाता है है। कैमराला निवासी जतन सिंह के इकलौते पुत्र की पांच जनवरी को निर्मम हत्या कर दी थी उसमें भी दादरी पुलिस की मिलीभगत रही जिस घर का चिराग बुझा दिया गया उसे भी दादरी पुलिस ने सही न्याय नही दिया इतने गम्भीर अपराध मै भी लीपापोती की गयी जिनके विरूद्ध मुकदमा दर्ज था उन्हें गिरफ्तार कर फिर सांठगांठ कर छोड दिया गया।
22 जनवरी को रामपुर फतेहपुर गांव मै जगनपुर गांव से बारात आयी थी जिसमें बारातियों मै आपस मै जगनपुर के ही लोगों मै झगडा हो गया था जिसमें कई लोग गम्भीर रूप से घायल हुए थे उसमें 34 लोग नामजद और 10,15 अज्ञात के नाम मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जिन लोगों ने अपराध किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए लेकिन जो निर्दोष लोग है उन्हें किस बात की सजा मिलनी चाहिए।
कुछ लोग ऐसे है जिनका इस झगड़े से कोई लेना देना नही उन्हें जेल भेजा जा रहा है। बारात मै जब लाठी डंडे से हमलावर हमला कर रहे है उसमें पांच छ लोग ही विडियो मै है बाकी जिनकी पहचान हो रही है। फिर निर्दोषों को किस दबाव मै जेल भेजा जा रहा है।
जो सम्मानित एवम समाज सेवक है उन्हें इस केस मै जोडा जा रहा है। प्रधान गजब सिंह, झगडे के समय पलवल हरियाणा मै था जिसकी सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन वहाँ की है जो पुलिस को उपलब्ध भी करा दी फिर भी निर्दोष होते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया।
नीरज भडाना का झगडे से कोई लेना देना नही ,जीते उर्फ मनवीर, बिजेंद्र, झगडे के समय अपने घर पर मौजूद थे और सीसीटीवी फुटेज साक्ष्य के तौर पर मौजूद है जो पुलिस को दे दी गयी थी निर्दोष होते हुए उन्हें भी जेल भेज दिया गया। कृष्ण नागर जो एक सम्मानित और समाज सेवक है और बडा किसान नेता है जिसने हमेशा लोगों की मदद की है और झगडे के समय दिल्ली मै मौजूद था ऐसे व्यक्ति का भी नाम अपराध से जोडा जा रहा है।
निर्दोष लोगों पर पुलिस ऐसे ईनाम घोषित कर रही है जैसे ये सब बहुत बडे स्तर के बदमाश हो जैसे इनका पहले से अपराधिक इतिहास रहा हो। पुलिस के तानाशाह रवैए और अवैध धन वसूली के विरोध मै भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी के नेतृत्व मै हजारों कार्यकर्ताओ व ग्रामीणों ने शुक्रवार को दादरी थाने का घेराव का ऐलान किया हुआ था जिससे पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गये और आनन फानन मै एडीसीपी ग्रेनो सुधीर कुमार एव दादरी थानाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ राष्ट्रीय कैम्प कार्यालय कैमराला पहुंच कर दादरी थाने के घेराव के लिए कार्यकर्ताओ को रोकने का प्रयास करने लगे काफी जद्दोजहद के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने एडीसीपी सुधीर कुमार को लिखित मै तीन दिन मै निर्दोष लोग को रिहाई करने का समय निर्धारित किया जिसपर एडीसीपी सुधीर कुमार ने सभी को न्याय का भरोसा दिया
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) मांग करती है कि निर्दोष लोगों बेवजह अपराधी ना बनाया जाये और जिन निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया है उन्हें रिहा कराया जाये और दोषियों को सजा दी जाये और दादरी पुलिस की ना कामियों और अपराधिक किस्म के लोगों से सांठगांठ कर बढते अपराध के लिए थानाध्यक्ष और कोट चौकी प्रभारी को निलंबित किया जाए अन्यथा भारतीय किसान यूनियन (बलराज) पुलिस प्रशासन के बढते तानाशाह रवैए के विरोध मै देश व्यापी आन्दोलन करने पर बाध्य होगी। यदि उसमें कोई क्षति होगी तो उसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट ठाकुर विजय प्रताप सिंह,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रोहित भाटी, प्रदेश अध्यक्ष हातम सिंह भाटी,यूथ प्रदेश अध्यक्ष विपिन खारी, प्रदेश महासचिव दिलदार अंसारी,प्रदेश महासचिव संदीप नागर, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल भाटी, प्रदेश सचिव ब्रजेश भाटी, प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष नागर, मेरठ मण्डल अध्यक्ष जतन भाटी, गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष योगेश वैष्णव, बुलन्दशहर जिलाध्यक्ष हेमन्त पडिंत, महानगर अध्यक्ष कपिल नागर, आदि हजारों कार्यकर्ता एंव ग्रामीण मौजूद रहें






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