मैनपुरी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे और खनन माफियाओं के बीच की सांठगांठ को उजागर कर दिया है। अभिषेक यादव नाम के एक युवक ने सीधे थाने में पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी हत्या के लिए 'फर्जी एनकाउंटर' की पूरी प्लानिंग की जा चुकी थी।
🚨 माफिया, पुलिस और 'फर्जी एनकाउंटर' की साजिश!
अभिषेक यादव (निवासी: ग्राम गोविन्दपुर, भोगांव) ने 15 मई 2026 को थाना भोगांव, मैनपुरी में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस पत्र में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के खिलाफ लगातार आवाज उठाने के कारण वे खनन माफियाओं के निशाने पर आ गए हैं।
मुख्य आरोपी:
- उपेन्द्र यादव
- प्रांशु यादव
- शौकीन सिंह
- सुधांशु यादव
- राजकुमार यादव (पूर्व ड्राइवर, थाना भोगांव)
📞 ड्राइवर की कॉल रिकॉर्डिंग से खुला राज
ब्लॉग पोस्ट के लिए सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ किसी और ने नहीं, बल्कि खुद खनन माफिया के एक JCB ड्राइवर ने किया है। पीड़ित के मुताबिक:
- JCB ड्राइवर ने फोन पर अभिषेक को आगाह किया कि उसे ठिकाने लगाने की तैयारी है।
- अपराधियों की योजना उसे किसी 'फर्जी एनकाउंटर' में ढेर कराने की थी।
- इस बातचीत की पूरी ऑडियो रिकॉर्डिंग (डिजिटल साक्ष्य) पुलिस को सौंप दी गई है।
👥 वर्दी की आड़ में खेल?
शिकायत पत्र में सबसे चौंकाने वाला नाम राजकुमार यादव का है, जो भोगांव थाने का पूर्व ड्राइवर बताया जा रहा है। आरोप है कि वह ट्रांसफर होने के बाद भी अवैध रूप से क्षेत्र में एक्टिव है। वह पुलिस विभाग की अंदरूनी जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर अपराधियों को न सिर्फ संरक्षण दे रहा है, बल्कि पीड़ित की हत्या के लिए उन्हें उकसा भी रहा है।
⚖️ आगे क्या?
पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि:
- आरोपियों के खिलाफ तत्काल नामजद मुकदमा (FIR) दर्ज हो।
- JCB ड्राइवर की कॉल रिकॉर्डिंग को मुख्य सबूत माना जाए।
- सभी संदिग्धों और माफियाओं के मोबाइल नंबरों की CDR (Call Detail Record) निकालकर तकनीकी जांच की जाए।











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